
जानें, क्यों पहनते हैं जनेऊ और क्या है इसके …
2017年4月7日 · जनेऊ क्या है : जनेऊ को संस्कृत भाषा में ‘यज्ञोपवीत’ कहा जाता है। यह तीन धागों वाला सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के ऊपर तथा दाईं भुजा के नीचे पहनता है। अर्थात् इसे गले में इस तरह डाला जाता है कि वह बाएं कंधे के ऊपर रहे। जनेऊ में तीन सूत्र – त्रिमूर्ति ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक – देवऋण, पितृऋण और ऋषिऋण के प्रतीक –...
Janeu - क्यों पहनते हैं जनेऊ और क्या है इसके महत्व
इस संस्कार के समय एक पवित्र सफेद रंग का तीन धागों वाला सूत्र यानि जनेऊ धारण कराया जाता है। जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं। इस सूत के पवित्र धागे को बाएं कंधे के ऊपर से लेकर दाएं कंधे की भुजा तक पहना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक दाएं कान में आदित्य, वसु, रुद्र, वायु, अग्नि, धर्म, वेद, आप, सोम एवं सूर्य आद...
Janeu Sanskar: 16 संस्कारों में से एक है जनेऊ …
2023年8月7日 · Janeu Sanskar: हिंदू धर्म में 16 संस्कारों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जनेऊ अथवा यज्ञोपवीत संस्कार के बारे में तुलसीदास जी ने श्री रामचरित मानस में लिखा है, “भए कुमार जबहिं सब भ्राता, दीन्ह जनेऊ गुरु पितु माता।” इसका अर्थ है कि सभी भाई जब किशोरावस्था को प्राप्त हुए तो गुरु, पिता और माता ने उन्हें जनेऊ धारण करने के लिए दिया। यज्ञोपवीत …
जनेऊ को पहनते और बदलते समय कौन सा बोला जाता है …
2023年8月11日 · जनेऊ को हमेशा बाएं कंधे से दायीं कमर की तरफ ‘ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं, प्रजापतेयर्त्सहजं पुरस्तात्. आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं, यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः’ मंत्र को बोलते हुए पहना जाता है. 96 अंगुल लंबे जनेऊ में 64 कलाओं और 32 विद्याओं को सीखने का सार छिपा होता है. इसमें लगी पांच गांठें पांच ज्ञानेंद्रिय और पंचकर्म की प्रतीक होती हैं.
जानिए हिंदू धर्म में क्यों पहना जाता है जनेऊ, …
2022年1月4日 · जनेऊ तीन धागों वाला एक सूत्र होता है जिसे हिंदू धर्म में पुरुष धारण करते हैं. इसे बेहद पवित्र माना गया है और इसकी शुद्धता को बनाए रखने के लिए जनेऊ के कुछ नियम भी बनाए गए हैं. हिंदू धर्म में यज्ञोपवीत संस्कार को प्रमुख संस्कारों में से एक माना जाता है. यज्ञोपवीत को ही जनेऊ कहा जाता है.
Janeu Sanskar: कब और कैसे किया जाता है जनेऊ …
2024年1月8日 · सनातन धर्म में जनेऊ का खास महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इसे धारण करने से बच्चे को जीवन भर ज्ञान प्राप्त करने और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की शक्ति मिलती है। उपनयन संस्कार को लेकर यह भी कहा जाता है कि इसे पहनने और इसके नियम का पालन करने से बच्चों में अनुशासन पैदा होता है, क्योंकि उन्हें इससे जुड़े कुछ पवित्र नियमों का पालन करना सिखाया …
क्यों पहनते हैं जनेऊ और क्या है इसके लाभ, जानिए....
जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं। इसे उपनयन संस्कार भी कहते हैं। 'उपनयन' का अर्थ है, 'पास या सन्निकट ले जाना।' किसके पास?
जनेऊ को इस मंत्र का जप कर धारण करें और उतारें
2019年6月5日 · जनेऊ का हमारे धर्म शास्त्रों में विशेष महत्व है। जनेऊ तो लोग धारण करते हैं, लेकिन कैसे इसे उतारा जाए और कैसे धारण किया जाए? इसे लेकर अनभिज्ञता रहती है। आइये, हम अपने लेख में इसे धारण करने व उतारने के सामान्य मंत्र के बारे में जानते हैं, ताकि लोग मंत्रों का उपयोग कर लाभांवित हो सके।. यह भी पढें- नाग पंचमी पूजन से दूर होता है काल सर्प …
जनेऊ संस्कार संबंधी 7 सवाल जानकर चौंक जाएंगे आप | janeu dharan
2020年1月10日 · ब्रह्म (ईश्वर) और ज्ञान के पास ले जाना। आपने देखा होगा कि बहुत से लोग बाएं कांधे से दाएं बाजू की ओर एक कच्चा धागा लपेटे रहते हैं। इस धागे को जनेऊ कहते हैं। जनेऊ तीन धागों में लपटे 9 धागों वाला एक सूत्र होता है। यह सूत से बना पवित्र धागा होता है, जिसे व्यक्ति बाएं कंधे के ऊपर तथा दाईं भुजा के नीचे पहनता है। अर्थात इसे गले में इस तरह डाला जाता है ...
Janu- Meaning in Hindi - HinKhoj English Hindi Dictionary
Janu definition, pronuniation, antonyms, synonyms and example sentences in Hindi. translation in hindi for Janu with similar and opposite words. Janu ka hindi mein matalab, arth aur prayog. Tags for the word Janu:
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